ऐलोपैथी में जिन बीमारियों का इलाज संभव नहीं उसका इलाज आयुर्वेद में

योग और आयुर्वेद ही नहीं अन्य क्षेत्रों में पतंजलि की भागीदारी बढ़ने पर देश होगा मजबूत

जौनपुर। योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि शांति और सदाचार को बढ़ाएंगे तो दुराचार की प्रवृत्ति खुद पीछे छूट जाएगी। उन्होंने कहा कि आज आयुर्वेद का दुनिया में महत्व बढ़ा है। पतंजलि की दवाओं की आज विदेशों में भी मांग है। योग को जीवन का हिस्सा बनाकर निरोग रहा जा सकता है, इसे अब लोग मानने लगे हैं। शनिवार से टीडी कॉलेज में योग शिविर का संचालन करेंगे, जो तीन दिनों तक चलेगा।

उन्होंने कहा कि 25 साल पहले उन्होंने योग का प्रचार करना शुरू किया था। मगर योग और आयुर्वेद ही नहीं अन्य क्षेत्रों में पतंजलि की भागीदारी बढ़ने पर देश मजबूत होगा। ऐलोपैथी में जिन बीमारियों का इलाज संभव नहीं उसका इलाज आयुर्वेद में है। नियमित योग से रक्तचाप से छुटकार पाया जा सकता है। पांच जनवरी 1997 को स्थापित पतंजलि ट्रस्ट आज एक बड़े संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है। आज एलोपैथिक के डाक्टर भी पतंजलि की दवाओं को उपयोग कर रहे हैं। ट्रस्ट ने डेढ़ लाख लोगों को रोजगार दिया है। दस करोड़ लोगों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया जा चुका है। आज लोग योग का लोहा मान रहे हैं। मैं योग का अविष्कारक नहीं प्रचारक हूं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी के लिए जो अभियान शुरू किया है उसमें सबका सहयोग जरूरी है। स्वदेशी अर्थव्यवस्था, भाषा, सभ्यता, ज्ञान विस्तार के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पचास लाख करोड़ की अर्थ व्यवस्था पर आज भी विदेशी कंपनियों का कब्जा है लेकिन पतंजलि के उत्पाद उनको पछाड़ रहा है। केवल एक कंपनी आगे हैं उसे भी शीघ्र ही पीछे कर दिया जाएगा। देश सेवा के लिए ट्रस्ट काम कर रहा है। तीन दिनों तक लोग योग शिविर का लाभ उठा सकते हैं।

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2018-05-19T23:54:53+00:00 जौनपुर|0 Comments

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